वास्तु और रिश्ते (खुशियों का पहला स्तंभ रिश्ता)
MahaVaastu Shastra

वास्तु और रिश्ते (खुशियों का पहला स्तंभ रिश्ता)

By Dr. Ragini
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About this book

लोगों के जीवन में संघर्ष बहुत है, दुख समस्यायें हैं कुछ समस्याओं के लिए तो वे जानते है कि कहाँ जाने से उनकी समस्या का समाधान मिल सकता है लेकिन अनेक ऐसी समस्याएं है जिनको सुलझाने उन्हें किसके पास जाना होगा नहीं मालूम। जैसे स्वास्थ्य खराब है तो डॉक्टर के पास जाना होगा, मानसिक स्वास्थ्य खराब है तो काउंसलर के पास, कर्जा लेना है, पैसों की कमी है तो साहुकार या बैंक के पास जाना होगा यह मालूम है पर क्या बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है, सास-बहु का रिश्ता खराब है, ग्राहक के साथ हमेशा रिश्ते बिगड जाते है तो कहाँ जाना होगा पता है? नहीं ना। धीरे धीरे यह समस्या विकराल रुप लेती जाती हैं। ​आज हर कोई चाहता है उसे उसकी समस्या से निजात मिले । वह सुकुन की जिन्दगी जिएं। उसे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि उसकी समस्या का समाधान किस विधि से हो रहा है। आज प्रत्येक व्यक्ति समाधान ढूंढ रहा है। मुझे लगा यदि वास्तु से समाधान मिल रहा है तो वास्तु से, आकर्षण के नियम से मिल रहा है तो आकर्षण का नियम लगाकर, यदि मनोविज्ञान समझाकर समस्या सुलझाई जा सकती है तो उससे या और कोई भी विधि से हो परेशान व्यक्ति को समाधान देना चाहिए। वर्तमान की एक ज्वलंत समस्या है रिश्तो में अनबन। दस में से हर तीसरा व्यक्ति संबंधो को लेकर परेशान है। मनमें ख्याल आया जैसे भी हो रिश्तो को सुधारने पर कुछ प्रयास किए जाए। मेरा यह कोर्स इसी सोच का परिणाम हैं। मैने अपने गुरु से वास्तु का जो कुछ सीखा, लंबी अवधि तक मनोविज्ञान का अध्यापन किया, लगातार आकर्षण के नियम का अध्ययन किया, हीलिंग प्रक्रिया से जुड़ीं सभी में कोई ना कोई संबंधो को सुधारने का रास्ता मुझे दिखाई दिया। लगा क्यों ना एक रिलेशनशिप पर पूरा पूर्ण संग्रह बनाया जाए उद्देश्य महज रिलेशनशिप की समस्या का समाधान देना है। आशा करती हूँ मेरा प्रयास लोगों के संबंधो को सुधारने में कामयाब होगा। ​मैं अपने गुरु श्रद्धेय डॉ. खुशदीप बंसल जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ जिनकी वजह से मैं वास्तु विद्या में अपने आप को सक्षम बना पाई हूँ। मैं अपने सभी गुरुओं का दिल से आभार करती हूँ जिनकी प्रेरणा और शिक्षा से लोगों की आपसी संबंधों की समस्या समझकर हल करने योग्य कुछ हद तक बन पाई हूँ।

Product Details

Author

Dr. Ragini

Language

English